जिला- बेमेतरा छ ग
विधा- आलेख
शीर्षक -कोरोना और वर्तमान शिक्षा
वर्तमान समय कोरोना काल के नाम से जाना जा रहा है और आगे भी जाना जाता रहेगा। पर शिक्षा हर समय काल में जरूरी रहा है और रहेगा।
वर्तमान समय में शिक्षा के क्षेत्र में नए नए प्रयोग किए जा रहे है। मै भी एक शिक्षक हूं। जब इस विभाग में कार्यरत हूं यहां कई पद्धति आई और गई उन्हें पूरा समय ही नहीं दिया जाता और फिर नई पद्धति लाई जाती हैं। मेरे ख्याल से शिक्षा के क्षेत्र में जितना प्रयोग किया जाता है शायद ही कहीं किया जाता हो। जोकि बच्चों के भविष्य के लिए सही नहीं लगता।
आज टेक्नोलॉजी का समय है प्रायः सभी स्कूलों में स्मार्ट क्लास बनाया जा चुका है। प्रोजेक्टर एवम् एल ई डी के माध्यम से पढ़ाई जारी थी।
अब कोरोना के समय में स्कूल बंद है तो ऑनाइन पढ़ाई पर जोर दिया जा रहा है मोबाईल के माध्यम से। निजी शाला की बात करें वहां तक तो कुछ हद तक सफल हो सकते हैं इसके कारण सभी जानते हैं। पर सरकारी स्कूलों में यह पद्धति सफल केवल कागजों तक हैं।मेरा अनुभव बच्चों के साथ जैसा रहा उस हिसाब से। इस कारण कोई ऐसी उपाय लानी चाहिए जिससे गांवों के बच्चों को इस कोराना काल में भी शिक्षा मिल सके । जैसे कई गावों में लाउड स्पीकर के माध्यम से पढ़ाई शुरू की गई है। जो कि एक अच्छी शुरुवात हैं।
सूर्य प्रकाश पाटिल
Very nice
ReplyDeleteबहुत बढ़िया दोस्त.
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