रचनाकार _सावित्री यादव "सावि "
जिला _बिलासपुर छ. ग.
विषय -बचपन की खट्टी मीठी यादें [उत्प्रेक्षा अलंकार ]
शीर्षक _मीठी यादें (बचपन की )
मीठी यादें प्यारी बाते |
याद आती है बचपन की शरारते |
पानी भरे रास्ते और उस पर कूदना |
खेतो की पगडंडियो पर दौड़ना |
किसी खेल मे जीतने पर अपने को,
राजा जैसा समझना |
और हर जाने पर सम्पति हर गए |
वैसे मुँह फुला दुखी होना |
मीठी यादें प्यारी बाते |
याद आती है बचपन की शरारते |
मिट्टी के पकवान बनाना
फिर उसे शाही भोजन जैसे खाना
मिट्टी के हो घोड़े, हाथी बनाकर
फिर जोर से मुस्कुराना
मीठी यादें प्यारी बाते
याद आती है | बचपन की शरारते
कागज के नाव बनाकर |
बारिश से भरे पानी मे
उसे चलाना और |
छपक छपक कर चलना |
गिल्ली टंटे का खेल और
एक के पीछे एक होकर
रेल की पेलम पेल
मीठी यादें प्यारी बाते
याद आती है | बचपन की शरारते |
दोस्तो के संग खुद लड़ना |
थोड़ी देर मे खुद मान जाना |
लुका छिपी का खेल निराला |
और साथियो संग ख़ुशी से,
झूमे मन मतवाला |
मीठी यादें प्यारी बाते |
याद आती है बचपन की शरारते |
भवार्थ _बचपन की यादें
रचनाकार _सावित्री यादव "सावि "
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