Friday, June 19, 2020

रायगढ़ से मोनालिसा बेहरा की रचना- आगे आना होगा

कवयित्री -मोनालिसा बेहरा
स्थान- लैलूंगा, जिला-रायगढ़
विधा-विश्व शांति
शीर्षक- आगे आना होगा 



आज घटायें फिर घिर आई,शहीदों के परिवारों में
घटा उनका पूत आज है बढ़ा के मान शहरों में

आज चर्चे गली - गली हैं गलवान कि शहादत का
निकल पड़े हैं लोग लेकर तिरंगा हाथों में
शहर के शहर उमड़ आये हैं करने अंतिम दर्शन
आँखों मे गुस्सा है, ज्वाला धधक रही है बदले की
काश सीने की ये आग तब तक न बुझ पाए
दिला ना दे न्याय जब तक शहीदों की बेवाओं को
आज तोड़नी होगी हमको गुलामी की मानसिकता
स्वदेशी अपनाकर छोड़नी होगी विदेशी की लालसा
देश हमारा है सम्मान हमे बढ़ाना होगा
अब ना कोई संधि होगी ना तलवार पुराना होगा
जिसको जो समझ आता है वही भाषा अपनाना होगा
विश्व शांति रहे धरा पर अस्मत अपना बचना होगा
आज देश के हर पीढ़ी को अपना कर्तव्य निभाना होगा
फिर ना उजड़े सुहाग किसी का,ना अनाथ कोई बच्चा होगा
अपने गौरव को बचाने आज सबको आगे आना होगा.....

घटा- बादल, कम होना

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