Monday, June 22, 2020

बिलासपुर से सावित्री यादव "सावि" की रचना- साथ होते हो

विधा - छंद मुक्त 
रचनाकार _सावित्री यादव "सावि "
                 बिलासपुर  छ. ग. 
                 

शीर्षक _जिस पल मे तुम साथ होते हो |

जिस पल मे तुम  साथ होते हो |

खास  होते है |वो पल जिस मे पल तुम  साथ होते हो |
कुछ पाने की इच्छा  नही होती ज़ब पास होते हो |
कुछ शेष नहीं रहता |शेष पूर्ण कर जाते हो |

जीवन के कुछ पल हमारी  दुनिया  महका जाती है |
हाँ  तुम्हारा साथ मुझे बहका जाती है |
खास होते है |वो पल जिस पल मे तुम साथ होते हो |

बस देखूँ ये चेहरा जो मन को भाती  है |
यही आशा मन मे दिवस - रैन रहती है |
खास होते है| वो पल जिस पल मे तुम साथ होते हो |

हर बात पे तुम्हारी बात आती है |
तुम हो तो दुनिया  जन्नत लगती है  |
खास होते है |वो पल जिस पल मे तुम साथ होते हो |

 खट्टे मीठे  यादो के साथ ज़ब |
 हवा तुम्हारी याद दिलाती है |
 हाँ |उस पल सारी कायनात  मे, 
 तुम्हारी ही छवि  नजरो मे दिखती है |
 खास होते है वो पल जिस पल मे तुम  साथ  होते हो |

 पल, पल मे बदल जाता है |
 हर गम  ख़ुशी मे बदल जाता है |
 आपकी  की मुस्कुराहट को देख हर शिकायत |
 हंसी मे बदल जाती है |
 खास होते है |वो पल जिस पल मे तुम साथ होते हो |

सपने भी सच हो गए लगते है |
अरमान पँख लगा उड़ते है |
खास होते है| वो पल  जिस पल मे तुम साथ होते हो |
खास  होते  है |वो पल जिस पल मे तुम साथ होते हो |

भावर्थ  - प्रीतम  का साथ ही प्रेयसी  के मन के भावो को बदल देता है |

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...