जिला-कांकेर ,छग
शीर्षक -वर्षा रानी
विधा-मुक्त छंद (यमक अलंकार)
रिम झिम फूंहारों में
बारिश की बूंदों से
कविता ने कविता
लिखी वर्षा रानी पर।
कनक- -कनक के फूल
सुनहरे व श्वेत बैंगनी
आभा लिए शिवार्चना
को उत्सुक अकुलाये।
मेघा -मेघा को निहारती,
शुभ्र ज्योत्स्ना से पुलकित
जलतरंगों से सिंचित
बालों को बिखरती -सी।
प्रकृति- प्रकृति संग गाती
भींगती और नृत्य करती
वर्षा के मोती बटोरती
बरखा का स्वागत करती।।
मीरा आर्ची चौहान
कांकेर, छग
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यमक अलंकार-
कनक-सोना(सुनहरा फूल),धतुरा
मेघा-नाम, बादल
प्रकृति-नाम, सृष्टि
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