जिला -कोरबा छत्तीसगढ़
काव्य विधा-हाइकु
शीर्षक- प्रकृति
प्रकृति शान्त
गर न छेड़ेंगे तो
खुशी अनंत ।
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शीर्षक- रिश्ते
रिश्तों का मोल
दे पाऐंगे न हम
कोशिश भूल ।
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शीर्षक - माँ
ममता माँ का
हम पर है ऋण
उऋण भूल ।
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शीर्षक- मजदूर
मजबूर हैं
मजदूर मगर
सम्मान साथ ।
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शीर्षक- आस्था
आस्था है धर्मं
नहीं करो विवाद
रखो विश्वास ।
।।इति।।
ब्याख्या- रचनाकार सारगर्भित विधा हाइकु के माध्यम से प्रकृत पर ,रिश्तों पर , माँ की ममता पर ,
मजदूरों की मजबूरी पर तथा आस्था पर अपनी भावनाएं प्रस्तुत करने का प्रयास की है ।
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बेहतरीन ,,
ReplyDeleteखुबसूरत हैं 💕
रचनाकार की प्रतिभा उसकी प्रत्येक रचना की अत्यंत सुंदर प्रस्तुति है
ReplyDeleteAti sundar.Shubhashish
ReplyDeleteAwesome
ReplyDeleteबहुत ही सुंदर हाइकू है नियम का पालन प्रत्येक हाइकु में किया गया है बहुत बढिया ऐसे ही लिखत रहिये।
ReplyDeleteVery Nice Creation
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