स्थान-बनाई रायगढ़
विधा-हाइकु
शीर्षक -कोरोना
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क्या हो कोरोना
भूत या पिचाश हो
लील रही हो
कभी देखा ना
और कभी सुना ना
डरा रही हो
दुनिया हिला
यूं मुस्कुरा रही हो
सम्भल जाओ
दिन आयेगा
जब तुम मिटोगी
पछताओगी
अदभुत है
भगवान की लीला
भाग लो, जाओ
ना नाम होगा
और ना काम होगा
ना रो पाओगी।
👌👌
ReplyDeleteNice poem
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