Wednesday, June 24, 2020

कांकेर से मीरा आर्ची चौहान की रचना- मजदूर

कवयित्री-मीरा आर्ची चौहान
जिला-कांकेर ,छग
शीर्षक-मजदूर
विधा-मुक्त छंद (पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार)

वह भागा -भागा आता,
फिर जाता काम करने
की ईच्छा  जताता ,
करोना का टेस्ट करा लो
फिर आना सुन आवाक
रह गया रामू बेचारा।

बिना मास्क पहने नन्हें
बच्चों के खातिर वह
द्वार -द्वार काम की
तलाश में भटकने के
 बाद नाउम्मीदी फिर
वही चिंता कल की।

तिल -तिल मरता वह
मजदूरी के भुगतान
की आस में साईकिल
ले जाता लौट आता,
लाक डाउन के खुलने
का इंतजार था उसे।।

मीरा आर्ची चौहान
कांकेर, छग
<<<<<<<<<<<<<<<<<<<<<<

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...