Thursday, June 25, 2020

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से अजय पटनायक कृत आलेख- देश मेरा परिवार

साहित्यकार- अजय पटनायक
जिला- रायगढ़,छत्तीसगढ़
विषय- सैनिक और उसके परिवार
शीर्षक- देश मेरा परिवार
विधा- आलेख

यह सुनने में बड़ा गर्व महसूस होता है कि, किसी का भाई ,पति या बेटा भारतीय सेना का सिपाही है, सुनकर उस परिवार के प्रति सम्मान बढ़ जाता है।
पर क्या उस परिवार की मनोदशा भी हमारी तरह होती है,जी नही एक फौजी का परिवार दोहरी जिंदगी जीता है,एक फौजी का सम्मान उसके प्रति लोगो का आस्था, परिवार के अन्तःकरण में ब्याप्त गम ,भय,और आंसू गर्विता के दामन में दब कर कुंठित हो जाती है। पिता की सशक्त शख्सियत माँ के हृदय गति की तीब्रता को कम करने का काम करता है ,पर सीमा में युद्ध की शंखनाद का समाचार पल पल खबर की आतुरता,अधजगे नींद, जड़त्व को आमंत्रित करती है।
पत्नी की विवशता सबसे दयनीय है विरह बेदना की व्याकुलता, त्याग और समर्पण के आलिंगन में रंज और खुशी के बीच राष्टीयता की बलि चढ़ जाती है।
  भाई के कंधे देश भक्ति की गरिमा का आंकलन कराते परिवार को ढांढस बंधाने का प्रयास करता है।बहन एक उम्मीद लिए बैठी रहती है देश सेवा के बाद भाई की अगली जिम्मेदारी मैं हूँ, राखी के बंधन की लाज को भगवान से बचाने की मिन्नत करती है। एक सैनिक देश सेवा शपथ के साथ अपने परिवार को भी देश को समर्पित कर देता है। 
    हम शहादत को वीरता का नाम देकर कुछ पल में सब कुछ भूल जाते है,पर एक फौजी का परिवार मैडल में छुपे मानव हृदय की भावुकता को देश के नाम समर्पित करके जिंदगी भर आंसू रोकने का प्रयास करते है।
        
  मेरा यह लेख वीर परिवार को समर्पित .....जय हिंद
          अजय पटनायक

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