स्थान-बनाई तमनार, रायगढ़
विधा- वर्ण पिरामिड
शीर्षक "चपड़गंजू चीन"
******************
***
चीं
चुंग
चिआई
मुखराई
तू मियां मिट्ठू
नालायक भाई
कोरोना क्यों फैलाए।
***
छी
छली
अधर्मी
दगाबाज
ना समझता
करता ग़द्दारी
औक़ात दिखलाई।
***
ओ
सालों
कमीनों
पाखंडियों
दूर हो जाओ
अब भी पड़ौसी
समझता खुद को
***
ये
दे दो
पैगाम
चीनियों को
खैर नहीं है
दगा देने वालों
जान गये चालों को।
No comments:
Post a Comment