जिला-कांकेर,छग
शीर्षक-प्रार्थना
विधा-वर्ण पिरामिड
हे
मां तू
मत रो
लाल तेरा
वतन पर
कुर्बान हुआ है
भागा नहीं वहां से।
हे
वीर
सपूतों
ये कुर्बानी
व्यर्थ न जाने
देंगे हम कभी
नमन है बारम्बार।
हे
ईश
भारत
भू पर ही
जन्म मेरा हो
देश हित ध्येय
कर्म मेरा धर्म हो।
मीरा आर्ची चौहान
कांकेर, छग
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