जिला-महासमुन्द(छत्तीसगढ़)
विषय-प्रेम
शीर्षक- परिवार का प्यार
माँ के ममता,
उसके प्यार का,
कोई मोल नहीं।
पिता के दुलार,
उसके संस्कार का,
कोई तौल नहीं।
जब भाई भाई,
के लिए लड़ता है,
तो प्रेम झरता है।
जब भाई भाई,
से लड़ता है,
कटुता बढ़ता है।
बहन के राखी,
की डोरी से,
संसार बंधा है।
बहन के प्रेम में,
हर भाई आज,
किस बात पर ठना है।
पत्नी के मोह में,
प्रेम की परिभाषा,
ही बदल गया।
परिवार का प्यार,
क्षण में ही देखो
कैसे जल गया।
सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"
घर -घर की कहानी यही कहानी है। बहुत सुंदर आदरणीय
ReplyDeleteघर -घर की कहानी यही कहानी है। बहुत सुंदर आदरणीय
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