*जिला-------रायगढ़ (छ.ग.)*
*विधा-----------दोहा छंद*
*विषय---------प्रेम*
*शीर्षक-------जीवन साथी*
प्रियतम पावन प्रेम हो,जीवन भर का साथ ।
जीवन के पथ में सदा,थामे रखना हाथ ।।
जनम जनम का साथ हो, तेरा मेरा प्यार ।
प्रेम भाव बंधन सदा,बहता अविरल धार ।
पल-पल पलकें है झुकी,अंतस में अहसास ।
कदम-कदम साथी चलें,कष्ट न आये पास ।।
रौनक भरते जिंदगी ,बगिया बने बहार ।
जीवन साथी साथ हो ,खुशियाँ मिले अपार ।।
सदा हमसफर संग में, जीवन है रंगीन ।
बनी रहूँ यूँ प्रेमिका ,भाव प्रीत में लीन ।।
दुख हो चाहे सुख यहाँ, जीवन बीते संग
साजन सजनी के बिना,जीवन है बेरंग ।।
इक-दूजे से सर्वदा,बनती है पहचान ।
साथ सदा परिवार हो,सारी उम्र सुजान ।।
व्याख्या:- एक प्रेमिका अपने शब्दों में कुछ इस तरह अपने जीवन साथी का जीवन भर साथ सलामत चाहती है और अपनी दिल बात व्यक्त करती है ।
सुशीला साहू "विद्या"
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