रचनाकार-एच-एस-अरमो" अरमान "
निवास--रायपुर, छत्तीसगढ़ ।
जिला---रायपुर ।
शीर्षक--रिश्ते की अहमियत ।
विधा--कविता (छ्न्द-मुक्त)
*****************************
====**रिश्ते की अहमियत **====
-----------------------------
रिश्ता बनाता है संबंध,
संबंध,बनाता है लगाव ,
लगाव ,बनाता है अपनापन,
अपनापन,बनाता है संस्कार ,
और संस्कार देते ,सामाजिक सुरक्षा ।
===========
रिश्ते संबंधों की है,बुनियाद--
जुड़े रहते तो,
होती जिन्दगी--
उतनी ही खुशहाल ।
=============
रिश्ते--माता-पिता का,सन्तानों से,
दोस्ती-में----दोस्तों-का ,
घर-में-----पड़ोसी--से ,
कक्षा--में-----सहपाठी--से ,
अजनबी-से ----मानवता--का,
राष्ट्र--से ------राष्ट्रीय--का ।
=============
रिश्तों का, सही मतलब समझे ,
नये रिश्तों से,जुड़ने से पहले,
जांचे-परखें और फ़िर उनसे जुड़े ।
===============
कभी रिश्तों को,बदनाम न करें ,
ये जुड़कर , कभी -घटते नहीं ,
सिर्फ़, हमने ही-----
अपने स्वार्थ से तोड़ा है,किन्तु--
पर,बाद में,पछ्तावा भी होता ,
तो, क्या कर सकते हैं---?
=============
आज --प्रेम--परिवार में रहता ,
पति --पत्नी में,होता जब अलगाव--
हो जाता,कभी-कभी,तलाक़,
वृक्ष---से -,फूल---पत्तियों का,
पानी-से-,मछलियों का---
शरीर -से-,श्वाँस का--।
===========
रिश्तों का---रिश्ता क्या है---?
बताते हैं,ये इसकी ,खूब अहमियत--
जरा,इस पर,हम गंभीरता से,
इक बार जरुर सोंचें--
और आओ,इस पर,मंथन कर के देखें।
**********इति **************
व्याख्या:--रचनाकार अपनी रचना के माध्यम से यह कहना चाहता है कि मानव जाति के बीच रिश्तों की बहुत ही अहमियत होती है ।इससे जुड़े रहने के लिए बड़ी संजीदगी की जरूरत होती है ।
-------------==========------------
मौलिक प्रस्तुति:-अरमो,रायपुर छ.ग.
No comments:
Post a Comment