जिला--जांजगीर-चाम्पा
राज्य-छत्तीसगढ़
विधा-सायली काव्य विधा
शीर्षक-अपना देश महान
व्याख्या- कवि के द्वारा देश की महानता,उसकी विशेषताएं एवं उनका अनुकरण करने पर बल दिया गया है ।
अपना देश महान
भारत
अपना देश
जग में महान
आओ गुणगान
करें
सोने
की चिड़िया
चांदी की गुड़िया
अब पहचान
धरें
हिन्दु
मुस्लिम सिख
ईसाई सभी धर्म
हम सम्मान
करें
मातृभाषा
और मातृभूमि
स्वर्ग से बड़ी
उसकी. रक्षा
करें ।
गीता
वेद. पुराण
रामायण और महाभारत
पढ़कर वैसे
बने ।
कर्म
मानवता ज्ञान
मानव के लिए
आवश्यक पास
रखें ।
भाग्य
खुद अपना
अपने कर्मों द्वारा
स्वयं ही
लिखें
अंधविश्वास
परम्परा रुढ़िवादी
राह पर कभी
कदम न
धरें ।
विज्ञान
उसका ज्ञान
बताये उसका मार्ग
सभी अनवरत
चलें
माता
पिता परिवार
पत्नी बच्चों का
पालन पोषण
करें ।
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