जिला - राजनादगांव
शीर्षक - *नारी*
नारी
बहुत महान
कहती दुनियां सारी
पूजी जाती
वेदपुराण
बचपन
की गुड़ियां
रीति नीति संस्कारो
पली ससुराल
चली।
लाज
रखना सदा
बढ़ाना सम्मान लड़की
है याद
रखना
अपनी
इसी सोच
लिए सहती रही
उम्र तमाम
गुजारी
किताबो
में पढ़ते
पढेगी बढेगी रचेगी
लड़की अपना
इतिहास
पढकर
बनेगी अफसर
रूठीवादी समाज में
कहलाती मगर
अनपढ़
*माधवी गणवीर*
राजनादगांव
नारी की अस्तित्ववादी पीड़ा पर कटाक्ष करती सुन्दर मार्मिक रचना माधवी जी
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