Tuesday, June 9, 2020

छत्तीसगढ़ के महासमुन्द जिले से विनोद कुमार "जोगी" द्वारा सृजनित लेख- मौन प्रेम

रचनाकार :- विनोद कुमार "जोगी"
जिला:- महासमुंद
लेखन विधा:- लेख 



लक्ष्मण मंदिर "मौन प्रेम की साक्षी"


छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से पूर्व की ओर 78 किलोमीटर दूर, पुरातात्विक धरोहर को समेटे एक शहर जिसका नाम है सिरपुर। सिरपुर महानदी के तट पर बसा एक सुंदर शहर है जो कि प्रदेश के पुरातन काल के स्थापत्य का एक जीता जागता रूप है। 
                   सिरपुर शहर में है देश के लाल ताजमहल के नाम से मशहूर सिरपुर का लक्ष्मण मंदिर। यह मंदिर ताज महल की तरह ही प्रेम का साक्षी है साथ ही इसके प्राचीन स्थापत्य के कारण इतिहासकार इसे लाल ताज महल कहते हैं, जिसे कौशल देश के राजा हर्ष गुप्त की मृत्यु के पश्चात उनकी विधवा रानी ने बनवाया था। रानी वासटा ने यह मंदिर 5वीं सदी में राजा के प्रति अपने प्रेम को प्रकट करने के लिए बनवाया था, जिसके प्रेम की मिसालें आज भी दी जाती है। यह मंदिर बालू की भीत नहीं जो कुछ वर्षों में धाराशाही हो मलबे में तब्दील हो जाए, यह पक्की लाल ईंटों से बनी है जो अपने निर्माण के हजारों वर्ष बीत जाने के बाद भी बड़े शान से अपने स्थान पर अडिग है। जहां राजा की मृत्यु के पश्चात उनकी विधवा रानी उनके याद में वैसे ही बैठी रही जैसे उर्मिला ने लक्ष्मण के 14 वर्ष के वनवास में। जाने के बाद उनकी बाट जोहते रही थी। और इसी कारण इसे मौन प्रेम की साक्षी कहा गया है।  
              यहां 6वीं से 10वीं सदी के मध्य बोद्ध धर्म के ऐतिहासिक स्थल होने के साक्ष्य इसके पुरातात्विक महत्वता में चार चांद लगाती है। यहां इतिहासकारों ने बौद्ध मठ होने के भी साक्ष्य खोज निकाले हैं। अतः यह स्थान धर्म निरपेक्षता का प्राचीन उदाहरण है। 
               लेकिन वो कहते हैं ना की जीवन में कभी भी न सावन सूखा न भादों हरा जैसी स्थिति नहीं रहती, सिरपुर का ये पावन धरोहर भी काल की गोद से अछूता नहीं रहा और 12 सदी में एक विनाशकारी भूकंप के कारण तहस नहस हो गया। लेकिन कहते हैं ना कि इंसान ने अपने बुद्धि बल के दम पर हर मुकाम हासिल कर लिया है, पुरातत्त्वविदों ने सिरपुर की खुदाई के बाद उसमें कुछ सुधार कार्य करवाए, और लक्ष्मण मंदिर फिर से अपनी सुंदर छटा बिखेरते छत्तीसगढ़ महतारी की गोद में इठला रहा है। और आज भी मौन प्रेम का साक्षी लक्ष्मण मंदिर सैलानियों को छत्तीसगढ़ की पावन धरा में आने के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

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