जिला-कांकेर ,छग
शीर्षक-जगन्नाथ
विधा-मुक्त छंद
जगत के पालनहार
मेरे कृष्ण भगवान
मीरा आई तेरे द्वार
उबारो मेरे नाथ।
जब -जब विपत्ति आई
प्रभु !तुझे ही पुकारा है
आओ मेरे भी द्वार,
करो मेरा भी उद्धार।
जप जानूं न तप प्रभु!
मन में है विश्वास,
करेंगे पूरी मेरी आस
दर्शन दो प्रभु आज।
करो जगत का कल्याण
दया करो हे नारायण,
अन्तर्मन में भावना यही
हो सभी कर्त्तव्य परायण।।
मीरा आर्ची चौहान
कांकेर,छग
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