Wednesday, June 3, 2020

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से सावित्री यादव "सावि" की रचना- अहंकार

रचनाकार -सावित्री यादव "सावि"
               बिलासपुर छ. ग. 
  शीर्षक - त्यागो अहंकार 
  विषय "- अहंकार 
  विधा - कविता 


  त्यागो अहंकार 

अहंकार मत कर पगले ये जीवन है| नश्वर|
करले अच्छे कर्म जाने कब छूटे सांस की डोर||1||

छोड़ व्यर्थ मे ये इतराना, जीवन है अनमोल |
दया प्रेम से जो करो है |उसका ही मोल||2||

तू भी संसार मे करले अच्छा काम |
अंत मे तो जाना है | रे प्रभु के धाम ||3||

तेरा मेरा मे क्या लगा है |ये तो झूठी बात |
ना कुछ तेरा ना कुछ मेरा ये सब उसकी सौगात ||4||

धरा का धरा मे रह जाएेगा |तू है यहाँ मेहमान |
बात समझ ले इतनी सी बनता है |क्यों अनजान||5||

अंहकार कभी छोड़ भूखो को भोजन का दे |
कर ले कुछ नेक काम अपनी पहचान बना दे ||6||

उस ईश्वर को भूल मत तू कभी सुख, दुखो मे |
अंत मे सुख पायेगा ईश के ही चरणों मे||7||

भावर्थ -अहंकार को छोड़ने की बात कही गईं है |

स्वरचित रचना 
              रचनाकार - सावित्री यादव "सावि "
                बिलासपुर छ. ग. 
               

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