Saturday, June 27, 2020

रायपुर से एच-एस-अरमो की रचना- विद्या मंदिर


रचनाकार-एच-एस-अरमो "अरमान "
निवास-रायपुर छत्तीसगढ़ ।
जिला--रायपुर ।
शीर्षक--""विद्या --मंदिर ""
विधा--कविता(छ्न्द-मुक्त )
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********विद्या --मंदिर *********
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विद्या का यह एक मंदिर है,
और प्राचार्य हैं,जहाँ संरक्षक,
तो शिक्षक हैं,उसके सच्चे पुजारी,
और विद्यार्थी हैं,उसके अनुयायी ।1।

जहाँ नित होती ,ज्ञान-विज्ञान की बातें,
जीवन आधार व सुधार की बातें,
होती विद्यार्थियो में---
मानसिक,बौद्धिक-विकास की शुरुआतें ।2।

निज-निर्माण,समाज व राष्ट्र-निर्माण की सीखें,
पाकर वे,शिक्षा,अखिल विश्व में,
सर्वत्र फैलाते हैं,ज्ञान का प्रकाश।3।

ये परिवार,समाज,राष्ट्र और गुरुओं,
के नतमस्तक को---
करता ऊँचा और महान्  ,
निरक्षरता मिटाने,फैलाते दिव्य-प्रकाश,
विद्या-मंदिर है,सब धामों में महान् ।4।
==========इति==========
व्याख्या--इस रचना के माध्यम से यह कहना चाहता हूँ कि विद्या और विद्यार्थी व शिक्षक के रिश्तों व ज्ञान-प्रकाश के महत्व को बताने की कोशिश की है ।


            -एच-एस-अरमो
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