जिला-कांकेर,छग
विषय- *नटखट बचपन*
विधा-मुक्त छंद (उत्प्रेक्षा अलंकार)
बचपन की यादें *ज्यों*
स्वर्ग की यात्रा का सुख।
वो स्कूल में पिटाई,
बेर, इमली और कुसुम।
आम, जामुन के बगीचे,
काजू और चार -चिरौंजी।
वो नदियों में जाना,
वो मछली पकड़ना।
वो नाव में सवार
*मानो* स्वर्ग की यात्रा।
केकड़े के दाड़े पर
धागा बांध उसे चलाना।।
वो साइंस की पढ़ाई
पुनरुद्भभवन की प्रयोग
छिपकली को दौड़ा कर
उसका पूंछ काटना।
नये पूंछ उगने पर
*मानों* खुशियां मनाना।
बारिश के पानी में
कागज के नांव चलाना।
मिट्ठू को अपने
नाम को *ज्यों* रटवाना।
*मानों* शिक्षक का छात्र
को पहाड़ पढ़ाना।
बहुत मस्त *जानिए*
वो बेफिक्री की जिंदगानी।
वो नटखट- सा बचपन,
वो किस्सा वो कहानी।
वो परियों की रानी
*मनु* सच्ची कहानी।।
मीरा आर्ची चौहान
कांकेर,छग
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