जिला :कोंडागांव
विधा :सायली
शीर्षक :भगवान का असित्व.
व्याख्या : हे मानव वह अलौकिक लीलाधारी साक्षात विद्यमान है .और वह हमेशा सहयोग करने की आशा के साथ निहारता रहता है .पर हम मानव प्रेमासक्ति होकर याद नही करते. एक बार विश्वास कर संपूर्ण अहं को तज .भाव से पुकार के देख संकटहर्ता सब बाधा हर लेंगें!
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मानव
भूल मत
भगवान का असित्व
वह है
व्यक्त!
हर
मुसीबत में
वह खड़ा रहता
सदैव तुम्हारे
साथ!
पुकार
करके देख
अहंकार तज प्यारे
आऐगें संकटहर्ता
भगवान!!
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