जिला- जांजगीर -चाम्पा, छत्तीसगढ
विधा---वर्ण पिरामिड
शीर्षक--- स्तुति
व्याख्या--कवि के द्वारा शिवजी , मां दुर्गा एवं सरस्वती की आंशिक स्तुति की गई है ।
स्तुति-
ऊं
नमः
शिवाय
आओ जपें
एक सांस में
बिना रुके हम
हां हां ओ मेरे भाई ।
मां
दुर्गा
आरती
हम सब
तेरे गा रहें
आये तेरे पास
दर्शन हम पाने।
मां
तेरी
जय हो
ओ शारदे
ज्ञान हमको
दे दे मांग रहे
जीवन सुधार दे ।
गिरधारी लाल चौहान
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