Monday, June 22, 2020

जाँजगीर-चाम्पा से गिरधारी लाल चौहान की रचना- बातें

नाम----गिरधारी लाल चौहान
जिला----जांजगीर -चाम्पा(छत्तीसगढ़) 
विधा---कविता
शीर्षक---  इधर उधर की बातें
व्याख्या--कवि के द्वारा सामान्य समस्याओं का वर्णन किया गया है ।

इधर उधर की बातें

ये मेरा पड़ोसी मुरलीधर ।
कभी मुरली नहीं बजाता ।
मुरली बजाओ कह उसे चिढ़ाते ।
सुनकर चिढ़ता न गुस्साता ।

गुलाब जी आपको मालूम है ।
गुलाब का फूल किसने तोड़ा है ।
तुमको सुनकर हंसी आ रही है ।
हमें कहीं का नहीं छोड़ा ।

रुपचंद तेरी सुंदरता पर ।
सौ सौ रुप कुर्बान ।
तेरी सुंदरता देख छूटे ।
कामदेव का प्रान ।

चमेली चमेली का तेल लाओ ।
मैं नवरत्न मंगाया नहीं हूं ।
प्रेम से ही कह रहा हूं ।
क्रोधित नहीं हूं ।


नागनाथ को मालूम होगा ।
नाग किधर निकला ।
पहले भी निकला था ।
और आज फिर निकला ।

गिरधारी लाल चौहान

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...