Monday, June 1, 2020

छत्तीसगढ़ के कांकेर से नलिनी बाजपेयी की रचना- राणा

रचनाकार-नलिनी बाजपेयी
     जिला-कांकेर
विषय-अतिश्योक्ति पूर्ण     
            वीर रस
      शीर्षक-राणा
  

           राणा
राणा तेरी वीरता की अमर कहानी,

हवा संग बातें करती
बलखाती जवानी।

राणा का चेतक हूँकार भरता,

समर में अरिदल के बीच बेखौफ टूट पड़ता।

पैरों से रौंद-रौंद कर हवा से बातें करता,

चम-चम, चमकती तलवार ज्वाला सी झलकती,

चतुरंगिणी सेना पर सौदामिनी सी गिरती।

क्भी इधर,कभी उधर प्रलय शिखा बन बरसती,

समर क्षेत्र में रणचंडी सी मचलती।

लहराती, बलखाती दुश्मनों के ,

सर काट-काट अपनी गाथा कहती।

राणा की वीरता की अमर कहानी,

हवा संग बातें करती बलखाती जवानी।

व्याख्या-उपरोक्त  कविता में राणा प्रताप की अदम्य वीरता, राणा का चेतक और उसकी तलवार की वीरता का अद्भुत बखान करती है।

नलिनी बाजपेयी
संबलपुर, कांकेर,(छ .ग.)

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...