स्थान पिथौरा जिला महासमुंद
शीर्षक - होऊँगा शहीद एक दिन
होऊँगा शहीद एक दिन ...
माँ की गोद में बैठ
मातृ भक्ति मैं पढ़ा था ।
होऊँगा शहीद एक दिन
अपनी बात में अड़ा था ।
दुश्मनों को मार गिराने
सीना ताने सीमा पर खड़ा था ।
लड़ा जब तक जान थी
तिरंगा थामे धरती में पड़ा था ।
हुआ शहीद देश के लिये
खुश हूँ सपना साकार हुआ था
माँ , बहन , पिता देखे शहादत
तिरंगा में हँसता लिपटा था ।
ना रोना शहादत पर मेरी तुम
माँ का ध्यान रखना कहना था ।
संतोष गुप्ता पिथौरा
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