Friday, June 12, 2020

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से तारा पांडेय"मुक्तांशा" की रचना- मां

तारा पांडेय"मुक्तांशा"
बैकुंठपुर,जिला_ कोरिया छत्तीसगढ़।
विधा_सायली
शीर्षक_मां

   मैं
भी तो
मां ही हूं
फिर क्यूं
अपमान।

  पुत्र
तुम मेरे
लेकिन क्यूं हो
बताओ, मुझसे
अनजान।

  दुनिया
कहती है
मां होती महान
बस होती
गुणगान।

   आज
मां अकेली
ही सम्हाली है
घर की
कमान।

  घंटी
भी नहीं
बजती अब तो
फोन की,
सुनसान।


एक
झलक का 
रहता है इंतजार
आ जाए
संतान।

 तारा पांडेय"मुक्तांशा"

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...