Friday, June 12, 2020

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से पुष्पा पटनायक की रचना- मां

रचयिता-  पुष्पा पटनायक 
स्थान-     बनाई तमनार, रायगढ़
विधा-      सायली 
शीर्षक -  "मां" 
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     मां 
  तुम कहां
चली गई हो
 तुम्हें कहां 
    ढूंढूं
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    तुम्हे 
  ना देखूं
दिल घबराता है
 पता किससे 
     पूछूं
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     तुम
 जो नहीं
तो कुछ नहीं 
   मैं भी 
   नहीं
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   तुम
 कहां हो
मैं आती हूं
 तेरे पास
  वहीं
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  मेरी
 आंखों से
बहते अस्रू धारा
 रोके ना 
  रूके
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   ये
 मां बेटी
का रिश्ता है 
तोड़े कैसे 
   टूटे
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   तेरा 
डांटना मारना
सब याद है
 तेरा प्यार 
   भी
**********
   मेरे 
  बालों को
चोटी बना गुथना
  तेल लगाना 
    भी
**********
   तेरा
  आंचल में
छुपा कर बचाना
  पिता जी
     से
**********
    और 
   बाद में
चुपके से बताना
  इशारों इशारों
     से
**********
    ऐसा
  क्या हुआ
तेरा मेरा साथ
  क्यूं छूटा 
   हाथ
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   आज
 तेरे बिना
मैं अकेली हूं
 कोई नहीं 
   पास
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   सब
 कहते हैं
जिसकी मां नही
 उसका गावं
   नहीं
**********
   फिर
  भी तू
मुझे छोड़ गई 
  तेरा पता
   नहीं|

1 comment:

  1. दिल को छू लेने वाली मार्मिक रचना अतिसुन्दर।

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