जिला- कोरिया
विधा- सायली
शीर्षक - मेरे जीवन साथी
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मेरे
जीवन साथी,
तुम हो खूब,
रहना सदा
साथ।
दिल
तुम्हें पाकर,
बाग-बाग है,
जीवन भी
सुगंधित।
खुशहाल
जिन्दगी की,
है मुझको तलब,
एक तुम्हारे
संग।
आओ
मिलकर दोनों,
एक सपना देखें,
सतरंगी और
सुहाना।
जरा
दिखाओ मुझे,
तुम्हारे नयन-दर्पण,
इनमें है
जिन्दगी।
- बिजेन्द्र अहीर
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