Monday, June 8, 2020

छत्तीसगढ़ के जाँजगीर-चाम्पा जिले से गिरधारी लाल चौहान की रचना- हाइकु

 नाम----गिरधारी लाल चौहान
जिला----जांजगीर -चाम्पा
राज्य---छत्तीसगढ

विधा---हायकू
शीर्षक--- जय छत्तीसगढ़
व्याख्या---- प्रस्तुत कविता में कवि के द्वारा छत्तीसगढ़ के कुछ विशेषताओं का उल्लेख किया गया है ।
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 जय छत्तीसगढ़

अपनी भाषा।
छत्तीसगढ़ी जिसे।
सब बोलते।

छत्तीसगढ़।
अपनी मातृभूमि।
   जहां रहते।

धोती लुगड़ा।
पहनावा सबका ।
जिसको हम ।

आदिकाल से ।
पहनते आ रहे ।
खेती करना ।

पेशा अपना ।
खेत हमारे पास ।
हम किसान ।

धान खेत में ।
उपजाते हम हैं ।
अन्नदाता है ।

पढ़ते हम।
रामायण रामकी ।
महाभारत भी ।

वेद पुराण ।
गीता का ज्ञान ।
पास हमारे ।

मानवता के ।
सभी बनो पुजारी ।
इंसान बनो ।

ईमानदारी ।
हमारी दौलत है ।
समझदारी ।
 
हमारी बल ।
धर्म कर्म से बनो ।
सभी महान ।

जय भारत ।
जय  छत्तीसगढ़ ।
जय किसान ।

गिरधारी लाल चौहान

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