Monday, June 8, 2020

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से अजय पटनायक की रचना- हाइकु

रचनाकार-अजय पटनायक
जिला:- रायगढ़,छत्तीसगढ़
विषय:- छत्तीसगढ़
शीषर्क:- हमर छत्तीसगढ़
विधा:- हाइकु

     *हमर छत्तीसगढ़*
********************
हमर बोली,
हावे गुड़ के भेली,
बोलव तो जी।
                  हे सनघन,
                  सुहावत हे वन,
                  घुमाव तो जी।
राजिम मेला,
कुंभ ढेलम ढेला,
नहाव तो जी।
                फरा सोहारी,
                बनावथे सुआरी,
               खवाव तो जी।
 करमा बाजा,
भावे पंथी के नाचा,
नचाव तो जी।
            भोजली गीत,
            पंडवानी के मीत,
            सुनाव तो जी।
फुकडी खेला,
पोरा गाड़ी के रेला,
खेलाव तो जी।
              भित्ति मा चित्र,
              गुफा हावे विचित्र,
              बनाव तो जी।
पूस तिहार,
घर घर विहार,
कराव तो जी।
             धान कटोरा,
             बटे सन के डोरा,
             सिखाव तो जी।
कोसा लुगरा,
गेंदा अउ मोगरा,
पिंधाव तो जी।
            हावे बढ़िया,
           ये छत्तीसगढ़ीया,
           बुलाव तो जी।
अति सुघर,
संस्कृति हे तुम्हर,
दिखाव तो जी।

        मौलिक रचना
      अजय पटनायक

5 comments:

  1. बहुत ही सुंदर है थोड़े से कविता में ही पूरे cg का वर्णन 👌👌

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  2. बहूत सुंदर

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  3. Bhut khub poore Chhattisgarh ki yatra hyi aapki rachna me..

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  4. छत्तीसगढीया सबले बढ़िया.....

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