बैकुंठपुर, जिला _कोरिया छत्तीसगढ़।
विधा_हाइकु
छत्तीसगढ
सुन महतारी वो
जय जोहार।
पसरत है
कोरोना महामारी
सुन गोहार।
परेशान हैं
लइका सियान
दे उपचार।
अड़बड़ हैं
मजबूर हमर
दाई, मज़दूर।
डगर मा
कोरोंटाइन बसे
घर ले दूर।
आंधी तूफान
मा उड़गे, हमर
छानी, मचान।
देवी, देवता
के सुमिरन होत
सांझ बिहान।
वंदन दाई
कर कल्यान दाई
तोर दुहाई।
तारा पांडेय"मुक्तांशा"
बहुत ही खूबसूरत रचना
ReplyDeleteबहुत सुंदर भावाभिव्यति
ReplyDeleteबहुत सुन्दर रचना हैं।।
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