Thursday, June 4, 2020

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव से दूजराम साहू की रचना- मोर छत्तीसगढ़

रचनाकार -दूजराम साहू
जिला -राजनांदगाँव
शीर्षक -मोर छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक विरासत ! 



मोर छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक विरासत 
बड़  समृद्ध अउ आपार हे  ! 
लोकसंस्कृति, लोकनाटक के भरमार हे !! 

कथक नृत्य अउ शास्त्रीय संगीत, 
पंडवानी ,पंथी ,राउत नाचा, 
साज नाच के  भरमार हे ! 


सूता बहुंटा नांगमुरी रूपिया , 
फूली बारी खूंटी  बिछीया , 
मोर महतारी मन के सिंगार हे! 


अकती हरेली तीजा पोरा , 
सुरहोती देवरी गऊरी गउरा, 
अनी बानी के इहाँ तिहार हे ! 

करमा ददरिया सुवा खेतिहारिन गाथे , 
गउँ चरईया राउत भईया बांस गीत बजाथे , 
पड़की नचईया के भरमार हे! 

डुबड़ी कड़ही, चाऊर चीला, 
बफोरी खाये सबो माई पीला , 
चटनी भाजी के भरमार हे ! 

उत्ती म राजिम दाई,बुड़ती म बमलाई,
रकसहू म दंतेसरी बुड़ती म शबरी दाई, 
वीरनारायण घासीदास के महिमा आपार ! 

                     दूजराम साहू

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