जिला -राजनांदगाँव
शीर्षक -मोर छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक विरासत !
मोर छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक विरासत
बड़ समृद्ध अउ आपार हे !
लोकसंस्कृति, लोकनाटक के भरमार हे !!
कथक नृत्य अउ शास्त्रीय संगीत,
पंडवानी ,पंथी ,राउत नाचा,
साज नाच के भरमार हे !
सूता बहुंटा नांगमुरी रूपिया ,
फूली बारी खूंटी बिछीया ,
मोर महतारी मन के सिंगार हे!
अकती हरेली तीजा पोरा ,
सुरहोती देवरी गऊरी गउरा,
अनी बानी के इहाँ तिहार हे !
करमा ददरिया सुवा खेतिहारिन गाथे ,
गउँ चरईया राउत भईया बांस गीत बजाथे ,
पड़की नचईया के भरमार हे!
डुबड़ी कड़ही, चाऊर चीला,
बफोरी खाये सबो माई पीला ,
चटनी भाजी के भरमार हे !
उत्ती म राजिम दाई,बुड़ती म बमलाई,
रकसहू म दंतेसरी बुड़ती म शबरी दाई,
वीरनारायण घासीदास के महिमा आपार !
दूजराम साहू
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