जिला बेमेतरा (छ. ग.)
विधा कविता
शीर्षक कोरोना वारियर्स
कोरोना है एक महामारी,
मत समझ तू इसे साधारण बीमारी।
इसने एक एक करके,
सारे विश्व में अपनी पांव हैं पसारी।
लाखों लोग चढ़ गए इसके भेंट,
लाखों लोगों के शरीर पर अभी भी है हावी।
ऐसा है कोरोना महामारी,
मत समझ तू इसे साधारण बीमारी।
रेल,बस, जहाज सब बन्द कर दिया,
लोगों को दंग कर दिया।
सारी दुनिया बन्द कर दिया,
आर्थिक स्थिति तंग कर दिया।
ऐसा है कोरोना महामारी,
मत समझ तू इसे साधारण बीमारी।
है इससे लड़ रहे जो,
वो है केवल कोरोना वारियर्स।
मौत से लड़ रहे है ये,
बिल्कुल भी नहीं डर रहे है ये।
हम लोगों की जान की खातिर,
रात दिन ये ड्यूटी पर डटे।
फिर भी इन लोगों को,
पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं है।
फिर भी ना जाने क्यूं,
लोग इनके पीछे पड़े है।
जाते ये लोगों की देखभाल को,
लोग इन्हें ही पत्थर मारते।
जो जीवन बचना चाहते,
ऐसे वारियर्स को लोग मारते।
कोरोना है महामारी,
ये वारियर्स तुम्हे बचाते।
तुम अगर बचा ना सको तो,
जो प्राण देकर, प्राण बचा रहे।
ऐसे वारियर्स को मत मारो...
सूर्य प्रकाश पाटिल
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