रचनाकार _ सावित्री यादव "सावि "
बिलासपुर छ. ग.
विषय _ संस्मरण
विषय -बच्चे की मुस्कुराहट
एक दिन की बात है |मैं ड्यूटी से वापस घर आ रही थीं |
मुझे लगा क्यों ना सब्जी लेते हुए घर चलू यही सोचते हुए| मैं पास मे लगे बाजार मे गईं |वँहा एक छोटा बच्चा सब्जी बेच रहा था |
ठीक उसी समय एक सज्जन आये |और उस बच्चे को सब्जी तौलने बोले वह बच्चा तौल ही रहा था | की सामने वाले सज्जन बोले ठीक से तौल बेईमानी कर रहा है| ठीक से नहीं तौल रहा है |उस 10 वर्षीय बच्चे ने कहा अंकल मैं ठीक तौल रहा हूँ |
वो सज्जन बोले पुलिस बुलाऊ क्या |मैं सब देख रही थीं | मुझसे रहा नहीं गया |मैं बोली बुला लीजिये सर इतने छोटे बच्चे से बहस कर रहे है| आपको शर्म आनी चाहिए | फिर वो सज्जन बिना कुछ बोले वँहा से चल दिया |
फिर मैं बच्चे से कहा क्यों जवाब नहीं दे रहा था तेरे साथ कोई बड़े नहीं है क्या वो मुस्कुरा दिया
मैं बोली कोई ऐसा गलत बात करता है| तो जवाब देना सीखा अब चुप रहना ठीक नहीं है | अपने अधिकार के लिए बोलना पड़ता है |
मैं थोड़ा गुस्से से प्यार जताते हुए बोली मरूँगी |अपने लिए बोलना सीख तो वो मासूमियत से मुस्कुराने लगा |
उसकी मुस्कुराहट देख मैं भी हँस दी वो घटना आज भी कभी याद आता है | तो मैं मुस्कुरा उठती हूँ |
रचनाकार _ सावित्री यादव "सावि "
बिलासपुर छ. ग.
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