Wednesday, June 24, 2020

रायपुर से एच-एस-अरमो "अरमान " की रचना- मौत

÷÷÷÷÷÷÷=====÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷
रचनाकार-एच-एस-अरमो "अरमान "
निवास-रायपुर ,छत्तीसगढ़ ।
जिला--रायपुर  ।
शीर्षक:-"गरीबों की मौत "
विधा-कविता (छ्न्द-मुक्त )
=========///////=========
    ***गरीबों की मौत ***
          ************
हम गरीबों की मौत,
हर पल ,हर दिन होती ,
पेट भरा होता,फिर भी,
रहती भूख,अधूरी ही ।।1।।

अचानक बीमारी का बँवण्डर आया,
उसको अपनी चपेट में लिया ,
घर से,सरकारी अस्पताल पहुंचा 
ईलाज हुआ,फिर दवा चली  ।।2।।

दम -चला ,धम्मन भी बढ़ती रही,
अब ,ईलाज -लाईलाज  हुआ,
डाँक्टर  और पैसों  ने,
दे दिया,अपना हिसाब और जवाब।3।

आखरी साँस चली,हुई उल्टी गिनती शुरू,
हो चला,उसका शरीर पराया ,
अपने भी  हुये पराये---
और हो चली,लाश भी लावारिश।।4।।

मेरी भटकती आत्मा,मिली आस्था से,
अन्तिम जतन हुआ,बड़ी आस्था से,
यही कहानी हम गरीबों की---
जीवन और मौत  की,
हर-पल ,हर-दिन ऐसे ही होती ।।5।।

**********इति **************
व्याख्या:---इस रचना के माध्यम से यह कहना चाहता हूँ कि मानव जाति के लिए गरीबी और गरीब होना एक अभिशाप है ।क्योंकि मौत के बाद भी अपने भी पराये हो जाते हैं ।अन्तिम संस्कार भी सामाजिक सेवा संस्था द्वारा किया जाता है,एक सोचनीय प्रश्न परिवार व समाज के सामने खड़ा कर जाता है ।
-----------------------------------------------
मौलिक रचना--अरमो,रायपुर छ.ग-।
******************************

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...