खैरागढ़ जिला राजनांदगांव
विधा,,कविता
शीर्षक,,, पानी हे अनमोल
पानी हे गज़ब अनमोल संगी,
बूंद -बूंद ल बचावव रे।
पानी हे जीवन के आधार,
येला फोकट झन बहावव रे।
पानी चिरई- चुरगुन के जीवन,
ऐ मा जहर महुरा झन घोलव रे।
पानी ला बचाए बर संगी,
गांव म तरिया,झिरिया खोदावव रे।
पानी बिना खेती किसानी सुन्ना,
अवईया जुग ल बतावव रे।
लोग लइका के नवा पीढ़ी बर,
गांव -गांव रुखराई लगावव रे।
कहिथे दुनिया पानी हे त अवईया काली हे,
पानी ला बचा के संगी काली ला बचावव रे।
आज पानी पन्नी बोतल म बेचावत हे,
एहा अवईया संकट के संदेसा रे।
पानी बर झगरा झन होवे संगी,
अभी ले सब पानी बचावव रे।
पानी हे गज़ब अनमोल संगी,
एखर बूंद- बूंद ला बचावव रे।
व्याख्या,,,
"पानी हेअनमोल" कविता छत्तीसगढ़ी भाषा में लिखाए हे। पानी ह जीवन के आधार होते, पानी के संकट बहुत गरमी में देखे ल मिलते ता हम सब ला पानी के महत्व समझना हे अऊ पानी के बूंद बूंद ला बचाना हे। पानी ले ही तो खेती और किसानी होते पानी नहीं तो खेती किसानी घलो नई होय। हमर अवईया नवा पीढ़ी ल बताना हे कि पानी के का महत्व है अऊ पानी ला बचाए बर गांव में तरिया झीरिया भी खुदवाना चाहिए, ताकि पानी ह सुरक्षित रहे।आज पानी ल सुरक्षित बचाय के उपाय करबो तब हमार आने वाले काली के जीवन ह सुरक्षित रही ।यही पानी आज झील्ली में बोतल में बेचाथे अऊ पता नहीं आने वाले समय में अब का होही हो सकते युद्ध भी हो जाए।तो हमला पानी ला बचाना है ।मोर कविता में मेहा पानी के बचाव के बारे में बर्णन करें हों।
श्रीमती पदमा साहू
खैरागढ़ छत्तीसगढ़
No comments:
Post a Comment