Monday, May 4, 2020

उत्तरप्रदेश से शोभना झा की रचना

कवयित्री- शोभना झा 
राज्य- उत्तर प्रदेश,

कविता - 

लॉकडाउन तीन बस चौदह दिन
थोड़ा सा सब्र, फिर अच्छे दिन 
हां यह घड़ी थोड़ी मुश्किल है 
क्योंकि यह ज़िद्दी दुश्मन किसी से डरता नहीं है 
डर नहीं लगता इसे पुलिस की बंदूकों से
ना ही इसे डर लगता है डॉक्टर की सुई से 
मास्क सैनिटाइजर से डरता है यह दुश्मन
घर के अंदर आने से डरता है इसका मन
माना कि आज हर दरवाज़े पर खीचा है लक्ष्मण रेखा 
पर घर पर रहकर हमने ज़िन्दगी का महत्व सीखा 
आओ हम युद्ध जारी रखे साथ मिलकर 
क्योंकि अब तो चैन की सांस आएगी दुश्मन को भगाकर 
क्योंकि यह लॉकडॉउन तीन है बस चौदह दिन

5 comments:

  1. Shailesh Kumar JhaMay 9, 2020 at 4:41 AM

    Nice poem suits the current situation pls add more poems like this मनोरंजन के लिए धन्यवाद |

    ReplyDelete
  2. Abdul Gazib AllaMay 9, 2020 at 4:58 AM

    Autstanding����

    ReplyDelete
  3. Berry Goood

    ReplyDelete
  4. श्रीमती ,
    आपकी कविता ने मुझे प्रोत्साहित किया की मैं भी ऐसे स्तिथि पर एक कविता लिखूँ
    धन्यवाद
    संध्या कुमारी

    ReplyDelete
  5. आप सबको धन्यवाद ।

    ReplyDelete

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...