Monday, May 4, 2020

छत्तीसगढ़ से बरखा भाटिया की ग़ज़ल

नाम-बरखा भाटिया
राज्य-छत्तीसगढ़ (कोण्डागांव)
शीर्षक- ग़ज़ल


राहे-उल्फ़त में जब भी जुदाई आती है
लब पे बनके ग़ज़ल, दिल की दुहाई आती है

जब भी राहों के मोड़ दे दें, मुसाफ़िर को दग़ा
राहों में म़ज़िलें भी बनके खाई, आती हैं

हवा के झोंकों से, धड़कन का जिस्म छिलता है
दाग़ फ़ुरसत के बनके,तन्हाई आती है

अल्फ़ाज़ टूटते हैं, हर्फ़ बिखर जाते हैं
गिला सुनके जो, रुबरु ख़ुदाई आती है

ज़िदा हो उठती है शायरी,लोगों के अश्क़ो में
किसी महफ़िल में, जब मेरी रूबाई आती है

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...