कवयित्री का नाम-मीरा आर्ची चौहान
जिला-कांकेर
शीर्षक-तलाश
चिलचिलाती धूप में
ऊर्जा की आस लिए
थके राहगीरों को
घूंट भर पानी में
जीवन की तलाश है।
सपनों की फाइल लिए
पढ़ें लिखे नौजवानो को
हकीकत की छांव में
रोटी की आस लिए
मंजिल की तलाश है।
तपिश भरे दुर्गम पथ में
सुकून की आस लिए
भटकते मानव मन को
मृगतृष्णा की छतरी लिए
सावन की तलाश है।।
मीरा आर्ची चौहान
कांकेर, छग
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