Monday, May 25, 2020

छत्तीसगढ़ के मुंगेली से नागेश कश्यप की ग़ज़ल

रचनाकार का नाम:- नागेश कश्यप
जिले का नाम:- मुंगेली(छत्तीसगढ़) 
शीर्षक:- उनके नाम
विधा:- गजल

   गजल
2122 2122 2122 212

आज भी हम याद करते है कि क्या है वो खता।
भूल क्या  हमसे हुआ  हाँ तुम जरा ये तो बता।।

बाँध  लुंगा   मैं   दरकते  ये   दिलो  की  दासता।
यार क्यों हो तुम खफा हाँ बस जरा ये तो बता।।

राज  ये  कैसे  कहूँ  पीड़ा  किसे  जाहिर  करूँ।
यार  मेरे  साथ  क्यों  खेली  जरा  ये  तो  बता।।

मैं  नही   हूँ  यार   तेरी  इस  गुनाहो  की  सदा।
क्यों दिए ये आँसु तुम हाँ बस जरा ये तो बता।।

रूह की  हर  साँस  में बस  एक  तेरा  ही वफा।
भेद मन में  क्यों बसे हैं  बस जरा  ये तो  बता।।

                                     नागेश कश्यप।।


व्याख्या-
रचना के माध्यम रचनाकार एक प्रेमी की व्याकुल व्यथा को बताने का प्रयास किया है कि एक बेकसूर जिसको बिना कसूर उसकी प्रेमिका ने विरह की आग में झोंक दिया है, और वो उससे पूछ रहा है कि वो खता क्या है यार जिसकी सजा मुझे इतना बड़ा दे रही हो, वो मंजर को याद करके आज भी आँसु छलक जाता है.।
इस प्रकार प्रत्येक पंक्ति का भाव स्पष्टीकरण है.।

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