Wednesday, May 20, 2020

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा से सूर्य प्रकाश पाटिल की रचना- मार्निंग वॉक

रचनाकार- सूर्य प्रकाश पाटिल
जिला- बेमेतरा (छ. ग.)
विधा कविता 
             मॉर्निंग वॉक
आज सुबह मॉर्निंग वॉक पर,
दोस्त मुझको एक मिला।
मैंने ऐसे ही पूछ लिया,
और मित्र क्या चल रहा?
उन्होंने बड़ी सहजता से यह कह दिया,
कोराना ही बस चल रहा।
उनकी इस सहजता से,
मुझे बड़ी असहजता हुई।
और मैंने कहा.....
आपकी बातों से लगा हमें यूं,
ये कोराना नहीं फॉग का सेंट हुआ??
अरे सेंट क्या चीज़ है,
आज तो कोराना मय हैं संसार।
सेंट तो 1-2 दिन टिक पाता,
और कोराना दिन, महीने और शायद सालों तक टिक जाए। 
और आप कर रहे है,
कोराना और फॉग की तुलना।
आज टी. वी. न्यूज़ में,
24 घंटे छाया हैं कोराना।
टॉप रैंकिंग पर आया हैं ,
यही कोराना।
हर गली चोराहे पर,
हो रहीं कोराना की चर्चा।
बच्चा बच्चा जान रहा,
कोराना की गाथा।
और आप कर रहे ऐसे कोराना कि,
फॉग सेंट से तुलना!!
अरे फॉग सेंट से तो,
स्त्रीलिंग ही मर मिटती हैं।
इस कोराना की महिमा देखो,
इसने जात पात, ऊंच नींच, लिंगभेद भी नहीं देखा है।
और आप कर रहे कोराना की, फॉग सेंट से तुलना!!!
अरे जनाब आज सारा संसार खोया हुआ है,
कोराना मय हुआ है।
फॉग सेंट तो भाई साहब,
दिखता और महसूस होता हैं।
कोराना तो बिन दिखे,
असर दिखाने लगता है।
कोराना के पीछे पागल है सारा जहान,
लगी हुई हैं खोज में। 
मिल जाय इसके लिए भी,
कोई सेंट विशेष।
ताकी......
कोराना भी मर मिट जाए,
उस विशेष सेंट से।
और सारी दुनिया मुक्त हो सके,
कोराना नामक मायाजाल के मोह से।

सूर्य प्रकाश पाटिल

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