Monday, May 18, 2020

छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव से रश्मि विपिन अग्निहोत्री की रचना- ममता

कवयित्री- रश्मि विपिन अग्निहोत्री
जिला - कोण्डागांँव, छत्तीसगढ़
शीर्षक -  ममता 
विधा - काव्य
रस - वात्सल्य

तेरी मंजुल मूरत देख
संसार भूल जाती हूँ, 
भूल जाती हूँ सब 
कष्ट परेशानी थकान , 
बस तुझमें खो जाती हूँ । 

आ मेरी बिटिया पास 
निहार लूँ अपलक, 
देखकर मुख तेरा 
जी लूँ मैं भी जरा, 
देख तुझे एक झलक। 

तुतली बोली तेरी
मिश्री की डली -सी, 
सुनकर जी खिले
खिलती कली-सा , 
आ जा कुछ बोल तो । 

 गोद में लेकर तुझे
आ थोड़ा दुलार दूँ, 
ममता का मोल नहीं
सब कुछ मैं वार दूँ
आजा बिटिया मेरी।। 


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