जिला -बिलासपुर (छ. ग. )
शीर्षक -गीत खुशी का गा सकें हम
विधा -छंद मुक्त
गीत खुशी के गान करें हम,
आओ नया निर्माण करे हम l
स्व की अब पहचान करें हम,
अंतस तम संधान करें हम ll
सुख से शोभित जगती सारा,
ये सब ईश की छाया, माया है l
दुःख से क्षुब्ध बंधु जो भी हैं,
पीड़ा उनकी कम करें हम ll
अपने लिए तो जीना ही है,
पर उपकार की महिमा अप्रतिम l
है भगवान ही बसते इनमे, रमते,
मोक्ष तो फिर पा ही गए हम ll
शांति मानव जीवन की सांस है,
संगीत से जीवन मे सरसता l
है साहित्य की गरिमा अनूठी,
अध्यात्म विश्व मे प्राण फूंकेगा ll
व्याख्या -जीवन खुशियों से भरा हुआ है और सुख, दुःख, परोपकार, साहित्य, संगीत, अध्यात्म उसके घटक हैं जिनको संजोकर हम खुशी के गीत गा सकते हैं l
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