Monday, May 4, 2020

छत्तीसगढ़ से सुरेश पैगवार की रचना- गाँव हमारा न्यारा-न्यारा

रचनाकार- सुरेश पैगवार
राज्य- छत्तीसगढ़
शीर्षक-   
       *"गाँव हमारा न्यारा-न्यारा"*     

कब तक झेलोगे बर्बादी, अब तो कुछ प्रतिकार करो।
चाँदी-सोना बहुत मिलेंगे, तुम श्रम से अधिकार करो।।

बहुत गरीबी औ बेकारी,    जन है कारण, अजी  नहीं
जनसंख्या तो बल है अपना,तुम इसको स्वीकार करो।

गाँव हमारा न्यारा-न्यारा,         भरा हुआ  भाई चारा
शहरी आकर अरे शिकारी, इनका नहीं शिकार करो।

शुद्ध हवा, पावन जल निर्मल,   यही गाँव की थाती है
नहीं प्रदूषित करें कभी हम ,  जो हो सके सुधार करो।

स्वान, गिद्ध, शेरों का हमने, चलने दिया न राज कभी
गौ माता को पूजा, गौ पर अब मत अत्याचार करो।।

        
    *सुरेश पैगवार*-
             जाँजगीर, छत्तीसगढ़

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