बाँदीकुई(दौसा)राज.
अपना मानव धर्म करो
मो.9414335460
*अपना मानव धर्म करो*
समय नही अब गुण दोषों का
आगे बढ़कर कर्म करो।
मानवता की रक्षा करने
अपना मानव धर्म करो।।
संकट की इस कठिन घड़ी में
एक रहो अरु नेक रहो।
राजनीति को भूलो अब तो
हिंदुस्तानी एक रहो।।
धर्म जाति की सीमाओं को
सब जन मिलकर के तोड़ो।
मानवता अरु भाईचारा
बंधन आपस में जोड़ो।।
वसुधैव कुटुम्बकम उद्घोष
यही सनातन संस्कृति है।
संकट में हम दया दिखाएं
यह तो हमारी प्रकृति है।।
इस महामारी का न कोई
अपना और पराया है।
करो नही आचरण अपावन
सब पर दुख का साया है।।
बनो ना हैवान कोई भी
मानवता तो दिखलाओ।
कुतर्कों के शर न फैंको
वक्त यही संभल जाओ।।
खाक ना बन जाए कहीं ये
सुंदर सा घर तुम्हारा।
करो न काम नैतिक पतन का
रिश्ता न बिगड़े हमारा।।
जो धर्म का चोगा पहनकर
फैला रहे अज्ञान को।
धर्म के नाम पर डाल रहे
मुसीबत में इंसान को।।
ये वक्त नाजुक है बड़ा ही
अब तो सब संभल जाओ।
भूल जाय मतभेद पुराने
सबको तुम गले लगाओ।।
एक दिन ये हार जाएगा
शत्रु है इंसानियत का।
मिलकर इसे हराए हम सब
करें मान हम भारत का।।
©डॉ एन के सेठी
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