राज्य- छत्तीसगढ़
शीर्षक- मेरा बचपन
मेरा बचपन
फिर लौट आया मेरा बचपन,
उड़-उड़ कर गीत गाऊं मैं,
ऊंचे गंगन में पंछी बन कर ,
पैर फैलाएं उड़ जाऊ मैं.
सपने को सकार करू,
एेसी कामयाबी पाऊं मैं,
कभी न लड़खाएे मेरे कदम,
ऐसी अडिग हो जाऊं मैं.
सात समुन्दर पार करू,
ऐसी उड़ान भर पाऊं मैं,
चाह कर भी कोई रोक न सके,
ऐसी पंछी बन जाऊं मैं.
देश में नाम हो मेरी,
ऐसी कुछ कर दिखाऊं मैं,
सबके अरमान पूरी कर,
सबके दिल में उतर जाऊं मैं.
असफलता को सफलता कर दिखाऊं,
ऐसी आत्मशक्ति पाऊं मैं,
बनाने को दुनिया में पहचान,
हर सीमा तक जाऊं मैं,
फिर लौट आया मेरा बचपन ! उड़...
- कु.लोकेशवरी सिन्हा
सुंदर रचना
ReplyDeleteNice my friend
ReplyDelete