०२. राज्य- राजस्थान
०३. कविता का शीर्षक- नैतिक मूल्य
०४. सम्पर्क नम्बर-
कविता- नैतिक मूल्य
मां - बाप के प्यार की , कीमत खो गया इंसान!
स्वार्थ की जिदंगी में,इंसानियत भूल गया इंसान!!
भाई-बहिन के रिश्ते की,कीमत खो गया इंसान!!
छोटी सी जिंदगी में,इंसानियत भूल गया इंसान!!
सद्व्यवहार गुण की, कीमत खो गया इंसान!
जिंदगी में ईर्ष्या से, इंसानियत भूल गया इंसान!!
चंद पैसो की लालच में, कीमत खो गया इंसान!
छोटी-सी जिंदगी में, इंसानियत भूल गया इंसान!!
वक़्त की तीखी धार से, कीमत खो गया इंसान!
अनमोल जिदंगी में, इंसानियत भूल गया इंसान!!
प्रकृति के परिवर्तन की, कीमत खो गया इंसान!
छोटी सी जिंदगी में, इंसानियत भूल गया इंसान!!
पशु - पक्षी के प्यार की, कीमत खो गया इंसान!
प्यारी सी जिदंगी में, इंसानियत भूल गया इंसान!
पर्यावरण के संरक्षण की, कीमत खो गया इंसान!
जिंदगी की कीमत से,इंसानियत भूल गया इंसान!
बहुत बहुत आभार जी
ReplyDeleteशानदार रचना
ReplyDeleteबहुत बहुत धन्यवाद सा
Deleteबहुत अच्छा जीत जी
ReplyDeleteबहुत बहुत धन्यवाद सा
DeleteBahut sandar likha hai saa
ReplyDeleteबहुत बहुत धन्यवाद सा
Deleteबहुत शानदार सा
ReplyDeleteबहुत बहुत धन्यवाद सा
Deleteशानदार रचना
ReplyDeleteबहुत बहुत धन्यवाद सा
DeleteBhut shandar
ReplyDeleteबहुत बहुत धन्यवाद सा
Deleteबहुत खूब
ReplyDeleteबहुत बहुत धन्यवाद सा
DeleteShandar
ReplyDeleteबहुत बहुत धन्यवाद सा
Deleteअति सुंदर लेखनी
ReplyDeleteबहुत बहुत धन्यवाद सा
Deleteअतिसुन्दर उल्लेख
ReplyDeleteबहुत बहुत धन्यवाद सा
DeleteVery nice
ReplyDeleteबहुत बहुत धन्यवाद सा
Deleteबहुत बहुत धन्यवाद सा
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