बिटकुला, सीपत
जिला - बिलासपुर (छत्तीसगढ़)
मो नं 8305144305
वह कौन
जितनी मुहब्बत करता हूं मैं उनसे ।
उससे भी अधिक प्यार करती है मुझसे।।
मेरे हंसने से उसे सुकून मिलती है।
मेरा आंसू देख ले तो, वह तड़प उठती है ।।
मेरे लिए वह सब कुछ करती है ।
कुछ ना कर सके तो दिन भर दुआ करती है।।
मेरी खुशियां ही, उनकी सपना होती है।
जिसके पूरे होने पर,वह बहुत खुश होती है ।।
जब मेरा जीवन दुश्वार होती है ।
सब कुछ वार ,जीवन संवार देती है।।
जिसने मुझे दिए, जीवन के सारे संस्कार।
चुका ना पाऊंगा, मैं उनके यह उपकार।।
उसके रहते, मेरे घर ही है जन्नत।
वह खुश रहे, यही रब से मांगू मन्नत ।।
वह मेरी भूल पर, कर देती है क्षमा।
उसके रहने से, मेरे घर में है शमा।।
उसके पहले, जग से होऊं रुखसत।
बस यही है मेरी, दिली हसरत ।।
दम निकले उन्हीं के कदमों तले ।
जब भी जन्म लूं, उन्हीं का दामन मिले।
नहीं उनसे, मुझे कोई शिकवा गिला।
वह हमेशा, मेरा हौसला बढ़ाते मिला।।
*वह कौन* है बतलाता हूं ।
पहेली से पर्दा उठाता हूं ।।
उससे ही घर की, आन -बान और शान है ।
वह मेरा अभिमान है, वह ही मेरी जान है ।।
उससे ही मेरी पहचान है ।
आप उससे नहीं अन्जान है।।
वह कोई और नहीं...
*वह मेरी मां है, मां है, मां है।।*
Nice lines.
ReplyDelete