Tuesday, May 12, 2020

छत्तीसगढ़ से डिजेन्द्र कुर्रे"कोहिनूर" की रचना- मैं क्यों लिखता हूँ

नाम - डिजेन्द्र कुर्रे"कोहिनूर"
पता -   पिपरभावना, बलौदाबाजार, (छ.ग.)
मो. 8120587822

◆मैं क्यों लिखता हूँ◆
★★★★★★★★★★★
लिखता हूँ मैं मुश्किल वक्त पर,
जोर की आँधी या तूफानों में।
टाइगर हिल हो या सियाचिन हो,
तनिक न घबराते यह वीरों नें।
★★★★★★★★★★★                 
गाथा लिखता हूँ सैनिकों की,
जो आतंकवादी से लड़े हैं।
दिलाए है हम सबको आजादी,
ऐसे योद्धा वीर फौलादी हैं।
★★★★★★★★★★★★
माता पिता को छोड़कर वह,
निकल पड़े है मैदानों में ।
मातृभूमि पर शीश नवा के,
देश के वह मतवालों नें।
★★★★★★★★★★★★
लिखता हूँ वीर सैनिकों पर,
जो दुश्मनों पर भारी होते है।
करते योजना उनके नाकाम,
ऐसे वीरों को मेरा प्रणाम हैं।
★★★★★★★★★★★
तिरंगे की शान में वह,
जय हिन्द के नारा लगाते हैं।
विजय पताका लहराये जब,
जन-गण-मन गीत वे गाते हैं।
★★★★★★★★★★★
रचनाकार - डिजेन्द्र कुर्रे"कोहिनूर"

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